वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 23 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद ‘मिनी बजट’ का ऐलान करके बजट की कुछ गलतियों को दूर करने और अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश की थी। इसके बाद 26 अगस्त को मार्केट खुला। उस रोज बीएसई सेंसेक्स 793 पॉइंट यानी 2.16% की मजबूती के साथ 37,494 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 228 पॉइंट यानी 2.21% की मजबूती के साथ 11,058 पर रहा। अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के उपायों से बाजार में पहले से चली आ रही गिरावट थम गई। इसके बाद से बाजार सीमित दायरे में रहा है, जिससे इसके बॉटम आउट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

इससे पहले जुलाई में शुक्रवार 5 जुलाई को पेश पूर्ण बजट से निराशा हाथ लगने पर बाजार अगले सत्र यानी 8 जुलाई सोमवार को 792.82 पॉइंट टूटकर 38,720 पॉइंट पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 250 पॉइंट की गिरावट के साथ 11,559 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 908 पॉइंट नीचे चला गया था जबकि निफ्टी 288 पॉइंट तक फिसल गया था। सेक्टर इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट पब्लिक सेक्टर के बैंकों में आई थी, निफ्टी पीएसयू 6% टूट गया था। दोनों दिनों के आंकड़ों को देखने पर पता चलता है कि बाजार को पूर्ण बजट से जितनी निराशा हुई थी उतनी ही खुशी मिनी बजट से मिली है। 

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फाइनैंस मिनिस्टर ने हालात को दुरुस्त करने के लिए तीन तरफा कोशिश की है। उन्होंने टैक्सपेयर्स, इंडस्ट्री और बैंकर्स की चिंताएं दूर करने की कोशिश की है। सिस्टम में नकदी बढ़ाने की कवायद की है और मार्केट सेंटीमेंट को सीधे सपॉर्ट करने वाले रोलबैक और डिमांड रिवाइवल प्लांस पेश किए हैं। 

कैसे हो सकता है बाजार में रिवाइवल?
निर्मला सीतारमण ने मिनी बजट का ऐलान करते हुए कहा, ‘बजट से पहले वाली स्थिति बहाल कर दी गई है।’ फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स से बढ़ा सरचार्ज हटा लिया गया। उन्होंने इंडस्ट्री खास तौर पर MSME को राहत देने के लिए अपने ऐलान में यह भी कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ MSME पर बकाया सभी पेंडिंग GST को 30 दिन में अदा कर दिया जाएगा और फ्यूचर में हर रिफंड 60 दिन में दे दिया जाएगा। इसी तरह से ऑटो कंपनियों की बिक्री बढ़ाने के भी कुछ उपाय किए गए हैं। वित्त मंत्री ने यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए और उपाय किए जाएंगे। बाजार की नजर इन ऐलानों पर होगी। 

वित्त मंत्री के इस बयान के कारण पिछले कुछ दिनों में रियल एस्टेट स्टॉक्स में तेजी भी आई है। इस बीच, रिजर्व बैंक से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार इसमें से एक हिस्से का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को रिवाइव करने के लिए कर सकती है। अगर सरकार इस रकम से अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए निवेश करती है तो शेयर बाजार पर उसका पॉजिटिव असर होगा। वित्त मंत्री के 23 अगस्त के ऐलान में कंजम्पशन बढ़ाने के उपाय किए गए थे। अब उनसे निवेश बढ़ाने के उपाय की उम्मीद की जा रही है। अगर यह आस पूरी होती है तो बाजार को जरूर सपॉर्ट मिलेगा। 

Inox Leisure is currently trading at Rs. 311.00, up by 0.60 points or 0.19% from its previous closing of Rs. 310.40 on the BSE.

The scrip opened at Rs. 313.90 and has touched a high and low of Rs. 313.90 and Rs. 304.90 respectively. So far 1338 shares were traded on the counter.

The BSE group ‘A’ stock of face value Rs. 10 has touched a 52 week high of Rs. 344.00 on 01-Apr-2019 and a 52 week low of Rs. 189.65 on 11-Oct-2018.

Last one week high and low of the scrip stood at Rs. 317.85 and Rs. 302.90 respectively. The current market cap of the company is Rs. 3226.13 crore.

The promoters holding in the company stood at 51.89%, while Institutions and Non-Institutions held 32.73% and 15.37% respectively.

INOX Leisure has commenced the commercial operations of a Multiplex Cinema Theatre taken on Lease basis, located INOX Leisure, Taksh Galaxy Mall, Waghodia, Vadodara, Gujarat, with effect from May 3, 2019. The said Multiplex Cinema Theatre has 5 screens and 976 seats.

INOX is now present in 67 cities with 141 Multiplexes, 583 screens and a total seating capacity of 1,37,365 seats across India.

INOX Leisure is amongst India’s largest multiplex chains.

अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वार (trade war) के तहत अमेरिका (USA) द्वारा चीन (China) पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते वैश्विक बाजारों में भारत को फायदा मिल रहा है. विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों से 2018-19 में भारत से अमेरिका को एल्युमिनियम के निर्यात में भारी बढ़ोतरी हुई है और ये ट्रेंड अगले साल 2019-20 में भी जारी रहने का अनुमान है. कांग्रेसियल रिसर्च सर्विस (CRS) के मुताबिक भारत से अमेरिका को एल्युमिनियम का निर्यात में 2018 में 58 प्रतिशत बढ़कर 22.1 करोड़ डॉलर का हो गया.

अमेरिकी बाजारों में भारतीय एल्युमिनियम की मांग अभी भी तेज बनी हई है. अमेरिका द्वारा चीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिकी खरीदार भारत का रुख कर रहे हैं. इसके चलते नाल्को, हिंडाल्को और वेदांता जैसी भारतीय एल्युमिनियम कंपनियों ने अपने उत्पादन में बढ़ोतरी की है.

जानकारों के मुताबिक इसका असर घरेलू बाजार में एल्युमिनियम की कीमतों पर भी पड़ा है. इस समय एल्युमिनियम की कीमत करीब 146 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिसमें जून तक करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार को खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, हालांकि एल्युमिनियम के वैश्विक उत्पादन में कमी के चलते फिलहाल 146 रुपये के स्तर पर एक स्पोर्ट बना हुआ है.

कारोबारियों का मानना है कि घरेलू बाजार में भी एल्युमिनियम की मांग तेज रहेगी, खासतौर से इलेक्ट्रॉनिक और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के क्षेत्र में और इस कारण इस घातु की कीमतों में फिलहाल तेजी का रुख ही रहेगा और अगले 2-3 महीनों के दौरान इसमें करीब 20 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी देखी जा सकती है.

The S&P BSE Power index was up with most of its components trading higher in Monday’s afternoon session. 

Shares of Suzlon Energy (up 3.25 per cent), Bharat Heavy Electricals (up 2.67 per cent), Torrent PowerNSE 1.86 % (up 2.06 per cent) and Tata Power Company (up 2.03 per cent) were the top gainers in the index. 

Adani Power (up 1.87 per cent), Adani Transmission (up 1.45 per cent), NTPC (up 1.11 per cent) and JSW Energy (up 1.10 per cent) too were trading with gains. 

The S&P BSE Power index was trading 0.90 per cent up at 2052.76 around 12:41 pm. 

Benchmark NSE Nifty50 index was up 81.90 points at 11,705.80 while the BSE Sensex was up 309.22 points at 38,982.13. 

Among the 50 stocks in the Nifty index, 32 were trading in the green, while 18 were in the red. 

Shares of Reliance Communications, Suzlon Energy, Reliance Power, IDBI Bank, PNB, SAIL, Infosys, Adani Power, Bank of Baroda, TV18 Broadcast, Tata Motors, Cipla, YES Bank, DHFL, NALCO and BHEL NSE 3.20 % were among the most traded shares on the NSE.


As FY19 is coming to an end, a glance at the stock returns of BSE500 companies showed that nearly 70 percent gave negative returns. Out of those, 21 companies eroded more than 50 percent of investor wealth.

Stocks that fell 50-70 percent in the S&P BSE 500 universe include Shankara BuildingReliance CommunicationsPC JewellerDHFLRain IndustriesInfibeam AvenuesReliance Power and Jet Airways.

If you have invested in these stocks, then analysts advise caution because some of them have fallen for some fundamental reasons.

However, there are opportunities in few names that could, in fact, give handsome returns in the near future, they say.